सऊदी अरब में महंगाई बढ़कर 1.9%, किराए ने बढ़ाई चिंता

सऊदी अरब में महंगाई सऊदी अरब में सितंबर 2026 के दौरान महंगाई दर में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। देश की सालाना महंगाई दर अगस्त के मुकाबले 0.1 प्रतिशत अंक बढ़कर 1.9 प्रतिशत हो गई। महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह आवास और उससे जुड़ी लागत रही। इसके अलावा परिवहन और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में भी सालाना आधार पर बढ़ोतरी हुई हैं।

हालांकि सितंबर में सऊदी अरब का कुल कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) अगस्त की तुलना में लगभग स्थिर रहा। यानी महीने-दर-महीने कुल कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। कुछ चीजों की कीमतें बढ़ीं, लेकिन दूसरी कई श्रेणियों में कीमतें कम होने से इसका असर संतुलित हो गया।

घर का किराया बना महंगाई का सबसे बड़ा कारण

सऊदी अरब में सितंबर की महंगाई बढ़ाने में हाउसिंग, पानी, बिजली, गैस और अन्य ईंधन से जुड़ी लागत का सबसे बड़ा योगदान रहा। इस श्रेणी में पिछले साल के सितंबर की तुलना में 3.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मकानों के वास्तविक किराए की रही। रिपोर्ट के अनुसार, वास्तविक आवास किराए में सालाना आधार पर 3.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। आवास और यूटिलिटी से जुड़ी लागत ने अकेले कुल महंगाई दर में करीब 0.7 प्रतिशत अंक का योगदान दिया।

इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो सऊदी अरब के बड़े शहरों में किराए के मकान में रहते हैं। किराया बढ़ने का मतलब परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव हो सकता है। खासकर प्रवासी कामगारों और किराए के घरों में रहने वाले परिवारों के लिए यह खर्च महत्वपूर्ण होता हैं।

खाने-पीने की चीजें और परिवहन भी महंगे

आवास के बाद परिवहन और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में भी सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई।

सितंबर में परिवहन की कीमतें पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 2.3 प्रतिशत बढ़ीं। वहीं, फूड और बेवरेज की कीमतों में 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इन दोनों श्रेणियों ने भी कुल महंगाई को ऊपर ले जाने में योगदान दिया।

आम लोगों के लिए परिवहन और भोजन रोजमर्रा के खर्च का बड़ा हिस्सा होते हैं। इसलिए इनकी कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी लंबे समय में घरेलू बजट पर असर डाल सकती हैं।

ज्वेलरी और घड़ियों की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी

सऊदी अरब में महंगाई सितंबर में कुछ अन्य वस्तुओं की कीमतों में भी उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला। व्यक्तिगत देखभाल, सामाजिक सुरक्षा और अन्य वस्तुओं एवं सेवाओं की श्रेणी में सालाना आधार पर 3.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

इस श्रेणी में अन्य व्यक्तिगत सामान की कीमतें 11.9 प्रतिशत बढ़ीं। वहीं, ज्वेलरी और घड़ियों की कीमतों में 12.9 प्रतिशत की बड़ी सालाना वृद्धि दर्ज की गई।

मनोरंजन, खेल और संस्कृति से जुड़ी सेवाओं और वस्तुओं की कीमतों में भी 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसमें हॉलिडे पैकेज की कीमतों में 4.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रमुख रही।

बीमा और वित्तीय सेवाओं की कीमतें 2 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि रेस्तरां और आवास सेवाओं में 1.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। शिक्षा से जुड़ी लागत भी सालाना आधार पर 1.3 प्रतिशत बढ़ी।

कुछ चीजों की कीमतें हुईं कम

महंगाई में बढ़ोतरी के बावजूद सभी वस्तुएं महंगी नहीं हुईं। सितंबर में कुछ श्रेणियों में कीमतों में गिरावट भी दर्ज की गई।

फर्नीचर, घरेलू उपकरण और सामान्य घरेलू रखरखाव की लागत में सालाना आधार पर 0.5 प्रतिशत की कमी आई। कपड़े और जूतों की कीमतों में भी 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

महीने-दर-महीने आंकड़ों पर नजर डालें तो शिक्षा की कीमतों में सबसे ज्यादा 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, खाने-पीने की चीजें, आवास और यूटिलिटी तथा व्यक्तिगत देखभाल से जुड़ी लागत में 0.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वास्तविक मकान किराए में सितंबर के दौरान 0.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

दूसरी तरफ, मनोरंजन और संस्कृति की कीमतें 0.6 प्रतिशत कम हुईं। रेस्तरां और आवास सेवाओं में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि कपड़े और जूतों की कीमतें 0.3 प्रतिशत और घरेलू फर्निशिंग की कीमतें 0.2 प्रतिशत कम हुईं।

खाड़ी देशों में महंगाई का अलग-अलग असर

सऊदी अरब की महंगाई दर ऐसे समय में बढ़ी है जब खाड़ी क्षेत्र के दूसरे देशों में भी कीमतों का रुख अलग-अलग दिखाई दे रहा हैं।

सितंबर में दुबई की सालाना महंगाई दर 5.03 प्रतिशत रही, जो अगस्त के 5.54 प्रतिशत से कम हैं। वहीं ओमान की महंगाई दर सितंबर में 3.2 प्रतिशत रही, जो अगस्त के 3.4 प्रतिशत से नीचे हैं। बहरीन की अगस्त की सालाना महंगाई दर 3 प्रतिशत थी, जबकि कुवैत की जुलाई की दर 2.19 प्रतिशत दर्ज की गई। कतर की उपलब्ध तुलनीय दर जून में 2.21 प्रतिशत थी।

आगे क्या रहेगा असर?

सऊदी अरब में फिलहाल महंगाई की दर 1.9 प्रतिशत पर है, लेकिन आवास लागत में लगातार बढ़ोतरी पर नजर रखना जरूरी होगा। क्योंकि किराया, परिवहन और भोजन जैसे खर्च सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं।

महंगाई के नए आंकड़े ऐसे समय आए हैं जब क्षेत्रीय तनाव और शिपिंग तथा ऊर्जा ढांचे पर हमलों को लेकर आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई हैं। इससे तेल आपूर्ति, माल ढुलाई की लागत और पूरे खाड़ी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर दबाव को लेकर चिंता बढ़ सकती हैं।

सऊदी अरब का आधिकारिक सांख्यिकी प्राधिकरण GASTAT महंगाई का आंकड़ा 582 वस्तुओं और सेवाओं वाली उपभोक्ता टोकरी के आधार पर तैयार करता है। यह टोकरी 2023 के Household Income and Expenditure Survey में सामने आए खर्च के पैटर्न पर आधारित हैं।

कुल मिलाकर, सितंबर के आंकड़े बताते हैं कि सऊदी अरब में महंगाई बहुत तेज गति से नहीं बढ़ी है, लेकिन आवास और किराए की बढ़ती लागत सबसे बड़ा दबाव बनी हुई हैं। आने वाले महीनों में अगर किराए और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों में और बढ़ोतरी होती हैं, तो इसका असर परिवारों के मासिक खर्च और बचत पर देखने को मिल सकता हैं।

इसे भी पढ़ें –

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version