मुंबई: हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता प्रदीप रावत का निधन हो गया हैं। ‘गजनी’, ‘लगान’, ‘सरफरोश’ और बी.आर. चोपड़ा के लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘महाभारत’ में अपनी दमदार अदाकारी से दर्शकों के दिल में खास जगह बनाने वाले प्रदीप रावत ने 74 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। अभिनेता का निधन मंगलवार, 4 अगस्त 2026 की शाम हुआ। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर हैं।

कैंसर से जूझ रहे थे प्रदीप रावत
प्रदीप रावत पिछले कुछ समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने अभिनेता के निधन की पुष्टि की हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदीप रावत पिछले कई वर्षों से ब्लड कैंसर से लड़ रहे थे। कुछ साल पहले उन्होंने इस बीमारी को मात दी थी, लेकिन करीब डेढ़ महीने पहले कैंसर दोबारा लौट आया।
इसके बाद उनकी तबीयत लगातार खराब होती गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, अचानक प्लेटलेट्स काफी कम हो जाने के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई और डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उन्होंने मंगलवार शाम करीब 6 से 6:30 बजे के बीच अंतिम सांस ली।
आज होगा अंतिम संस्कार
प्रदीप रावत के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की जानकारी उनके ‘लगान’ के को-स्टार और अभिनेता यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए साझा की। उनके अनुसार, अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार बुधवार, 5 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे मुंबई के गोरेगांव वेस्ट इलाके में Imperial Heights के पास P3 Parking, BEST Colony में रखा गया हैं।
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग और अभिनेता के करीबी इस मौके पर उन्हें अंतिम विदाई देंगे।
‘महाभारत’ के अश्वत्थामा से मिली खास पहचान
प्रदीप रावत ने अपने लंबे करियर में कई तरह के किरदार निभाए, लेकिन उन्हें शुरुआती बड़ी पहचान बी.आर. चोपड़ा के लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘महाभारत’ से मिली। साल 1988 में प्रसारित हुए इस शो में उन्होंने अश्वत्थामा का किरदार निभाया था।
उनका व्यक्तित्व और दमदार आवाज दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ती थी। यही वजह रही कि बाद में उन्हें फिल्मों में भी मजबूत और प्रभावशाली किरदार मिलने लगे। अश्वत्थामा के रूप में उनका अभिनय आज भी टीवी दर्शकों के बीच याद किया जाता हैं।
‘लगान’ में बने थे तेज गेंदबाज देवा सिंह सोढ़ी
आमिर खान की सुपरहिट फिल्म ‘लगान’ प्रदीप रावत के करियर की यादगार फिल्मों में शामिल हैं। साल 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने देवा सिंह सोढ़ी का किरदार निभाया था। फिल्म में उनका किरदार भारतीय टीम के एक तेज गेंदबाज का था।
‘लगान’ की कहानी और उसके किरदारों को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। प्रदीप रावत ने अपने अभिनय से इस किरदार को खास बना दिया। फिल्म की सफलता के साथ उनकी लोकप्रियता भी काफी बढ़ी।
‘गजनी’ में विलेन बनकर डराया
प्रदीप रावत को सबसे ज्यादा लोकप्रियता ‘गजनी’ में उनके खतरनाक विलेन वाले किरदार से मिली। उन्होंने पहले 2005 की तमिल फिल्म ‘Ghajini’ में विलेन की भूमिका निभाई थी। इसके बाद 2008 में आई आमिर खान की हिंदी फिल्म ‘Ghajini’ में भी उन्होंने इसी तरह का प्रभावशाली किरदार निभाया।
फिल्म में उनके किरदार की खतरनाक छवि और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया। यही कारण है कि आज भी जब बॉलीवुड के यादगार विलेन की बात होती है, तो प्रदीप रावत का नाम जरूर लिया जाता हैं।
‘सरफरोश’ में भी किया शानदार काम
प्रदीप रावत ने आमिर खान के साथ फिल्म ‘सरफरोश’ में भी काम किया था। इस फिल्म में उन्होंने सुल्तान का किरदार निभाया था। फिल्मों में उन्होंने हमेशा अलग-अलग तरह की भूमिकाओं के साथ अपनी पहचान बनाई।
उनकी खासियत यह थी कि वह सिर्फ विलेन के किरदार तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने सपोर्टिंग और नकारात्मक दोनों तरह की भूमिकाओं में अपनी अलग छाप छोड़ी।
हिंदी के साथ दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम
प्रदीप रावत का अभिनय करियर सिर्फ हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं था। उन्होंने तेलुगु, तमिल और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया। दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी उनकी पहचान एक मजबूत और प्रभावशाली अभिनेता के रूप में बनी।
चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने अलग-अलग भाषाओं और कई तरह के किरदारों में काम किया। यही वजह है कि उनके प्रशंसक सिर्फ हिंदी सिनेमा में ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में भी बड़ी संख्या में हैं।
परिवार में पत्नी और बेटा
प्रदीप रावत अपने पीछे पत्नी कल्याणी रावत और बेटे विक्रमादित्य को छोड़ गए हैं। अभिनेता ने अपनी निजी जिंदगी को हमेशा मीडिया से काफी हद तक दूर रखा। उनका परिवार इस मुश्किल समय में गहरे दुख से गुजर रहा हैं।
प्रदीप रावत का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति हैं। उन्होंने अपने अभिनय से कई दशकों तक दर्शकों का मनोरंजन किया। ‘महाभारत’ के अश्वत्थामा से लेकर ‘लगान’ के देवा और ‘गजनी’ के खतरनाक विलेन तक, उनके कई किरदार लंबे समय तक याद किए जाएंगे।
फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया हैं, जिसने बिना किसी दिखावे के अपने अभिनय के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। उनके प्रशंसक और साथी कलाकार उन्हें उनकी शानदार अदाकारी और यादगार किरदारों के लिए हमेशा याद रखेंगे।
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